IAS Full Form in Hindi – Qualification, Salary, Exam etc

IAS Full Form in Hindi – वर्तमान समय में अधिकतर व्यक्ति UPSC एग्जाम के बारे में जानते ही हैं। यूपीएससी भारत के सबसे कठिन कॉन्पिटिटिव एग्जाम में से एक होता है, जिसके माध्यम से सिविल सर्विस एग्जाम कराया जाता है। और इस एग्जाम को क्लियर करना भारत के कई सारे विद्यार्थियों का सपना होता है। क्योंकि यूपीएससी एग्जाम को क्लियर करने के बाद एक अच्छे पद पर नौकरी हासिल होती है, जो कि ना सिर्फ एक अच्छा इनकम देता है बल्कि इसके साथ-साथ सम्मान भी देता है।

UPSC एग्जाम क्लियर करने के बाद IAS, IPS, IRS जैसे कई सारे सरकारी पदों के माध्यम से अपने देश के लिए काम करने का मौका मिलता है, जो कि अपने आप काफी गर्व की बात होती है। और भारत के कई सारे विद्यार्थियों का सपना यूपीएससी एग्जाम को क्लियर करके IAS के पद की प्राप्ति करना होता है।

यदि आप भी उन्हीं में से एक हैं जो कि IAS बनना चाहते हैं, तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े। क्योंकि आज हम आप सभी को अपने इस आर्टिकल के माध्यम से IAS Officer कैसे बने और इससे जुड़े हुए सभी तरह के महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताएंगे। तो आइए बिना समय गवाएं इस विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं।

IAS Full Form in Hindi:-

UPSC हर साल आयोजित होने वाले सबसे कठिन परीक्षा में से एक है, जिसके अंतर्गत बहुत सारे पदों पर भर्ती मिलती है। उन्हीं पद में से एक है IAS, IAS आज के समय में सबसे ज्यादा प्रचलित सरकारी पद में से एक है। यदि ias full form in hindi की बात करें तो अधिकतर लोगों को इसके फुल फॉर्म के बारे में पता ही होगा। फिर भी आपको बता दें कि IAS का फुल फॉर्म Indian administrative service होता है, जिसका हिंदी में अर्थ ‘भारतीय प्रशासनिक सेवाएं’ होता है।

IAS सरकार की सर्वोच्च प्रतिष्ठित सेवाओं में से एक है। IAS का पद बहुत ही जिम्मेदारी भरा होता है, इसीलिए इस पद की गरिमा और शक्ति को देखते हुए ही इस परीक्षा के चयन प्रक्रिया को आयोजित किया जाता है, ताकि किसी योग्य व्यक्ति को ही यह पद प्राप्त हो सके। इसीलिए IAS ऑफिसर बनने के लिए बहुत मेहनत करने की जरूरत पड़ती है।

IAS Meaning in Hindi:-

सिविल सर्विस परीक्षा के अंतर्गत कुल 24 सर्विसो के लिए परीक्षा आयोजित किया जाता है, जिसमें से भारतीय प्रशासनिक सेवा में सबसे बड़ा रैंक IAS को ही दी गया है। IAS एक स्थायी कार्यपालिका का पद होता है, जिसके लिए कोई इलेक्शन नहीं बल्कि सिलेक्शन होता है। आईएएस ऑफिसर को सिविल सर्विस के भारतीय प्रशासन में सबसे उच्च अधिकारी का पद माना जाता है।

देश के विकास और संतुलन के लिए शासन और प्रशासन दोनों ही साथ मिलकर कार्य करते हैं। IAS officer का पद केवल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट तक ही सीमित नहीं रहता है, ब्लकि IAS officer भारत देश के लगभग सभी विभाग के प्रशासनिक मुखिया, सचिव, कैबिनेट सचिव, भारत सरकार का सचिव, किसी राज्य का सचिव या किसी भी केंद्रीय मंत्रालय का सचिव के रूप में कार्य करते हैं।

एक IAS officer का पद बहुत ही जिम्मेदारी भरा पद होता है, इसीलिए इस पद को केवल योग्य और काबिल उम्मीदवार को ही सौंपा जाता है। भारतीय सिविल सर्विस में सेलेक्ट होना बहुत ही गर्व की बात होती है, क्योंकि भारतीय सिविल सर्विस केवल एक नौकरी नहीं बल्कि अपने देश की सेवा करने का एक जरिया है।

IAS Officer का क्या काम होता है:-

यदि ias officer kya hota hai की बात करें तो एक IAS Officer का काम लोक प्रशासन का काम होता है। दरअसल देश के विकास के लिए शासन और प्रशासन दोनों ही मिलकर कार्य करते हैं। आईएएस ऑफिसर मुख्य रूप से सरकार द्वारा बनाई गई नियम और नीतियों को सही ढंग से लागू कराने का काम करते हैं। इसके साथ ही साथ सरकार द्वारा बनाई गई नियम और नीतियों में बराबर के हिस्सेदार और सलाहकार भी होते हैं।

आईएएस ऑफिसर सरकारी विभाग से जुड़े हुए अधिकतर कामों को करने में सरकार की मदद करते हैं। और देश के हित के लिए अलग-अलग तरह के योजनाएं और नीतियों को लागू कराते हैं। और योजनाएं लागू कराने के साथ-साथ अपने क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों की भी निगरानी करते हैं। और कोई भी आम जनता अपनी समस्या के लिए एक आईएएस ऑफिसर से डायरेक्ट संपर्क कर सकते हैं।

इन्हें भी पढ़ें:-

IAS office कैसे बने:-

IAS officer कैसे बने आज के समय में कई सारे लोगों के मन में यह सवाल जरूर होता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आईएएस ऑफिसर के लिए यूपीएससी एग्जाम क्लियर करना होता है, जो कि भारत के सबसे कठिन कॉन्पिटिटिव एग्जाम में से एक है। इसीलिए आईएएस ऑफिसर के पद को प्राप्त करने के लिए बहुत ही मेहनत करने की जरूरत होती है।

यूपीएससी एग्जाम को क्लियर करने के लिए इससे जुड़ी हुई सभी तरह की जानकारियों के बारे में पता होना बहुत ही जरूरी होता है। यदि आप भी एक आईएएस ऑफिसर बनना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको यूपीएससी एग्जाम से जुड़ी हुई सभी तरह की जानकारी प्राप्त करनी होगी।

सबसे पहले आपको 12वीं पास करने के बाद किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन कंप्लीट करना जरूरी है, क्योंकि ग्रेजुएशन कंप्लीट होने के बाद ही आप यूपीएससी एग्जाम के लिए योग्य रहेंगे और आप इस एग्जाम में हिस्सा ले सकेंगे। इसके साथ ही साथ आपको एग्जाम को क्लियर करने के लिए अलग-अलग विषय और क्षेत्र से जुड़ी हुई जानकारियां प्राप्त करनी होंगी।

12वी ke बाद IAS ki तैयारी कैसे करे:-

यदि आप 12वीं के बाद से ही आईएएस की तैयारी करना चाहते हैं, तो आपके पास 12वीं कंप्लीट करने के बाद यूपीएससी एग्जाम की तैयारी करने के लिए काफी समय है। सबसे पहले तो आपको 12वीं कंप्लीट करने के बाद ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करनी होगी, क्योंकि बिना ग्रेजुएशन कंप्लीट किए आप यूपीएससी एग्जाम के लिए योग्य नहीं रहेंगे। इसीलिए ग्रेजुएशन करते-करते आप यूपीएससी एग्जाम की तैयारी भी कर सकते हैं।

यूपीएससी एग्जाम की तैयारी करने के लिए सबसे पहले पढ़ने के लिए एक टाइम टेबल तैयार कर ले और समय-समय पर सभी सब्जेक्ट को कवर करने की कोशिश करें। यूपीएससी एग्जाम की तैयारी करने के लिए आप मार्केट में मौजूद अलग-अलग NCERT किताबों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ आप देश दुनिया के खबरों पर भी अच्छी पकड़ रखें और दसवीं तक के गणित की अच्छी तरह से तैयारी कर ले, ताकि आगे चलकर आपको गणित में किसी भी तरह की समस्या ना हो। और पढ़ाई के साथ-साथ रिवीजन पर भी जरूर ध्यान दें, ताकि आप पढ़ा हुआ कुछ भी ना भूले।

IAS के लिए आयु सीमा:-

आईएएस बनने के लिए उम्मीदवार को यूपीएससी परीक्षा दिलानी पड़ती है, जिसकी आयु सीमा अलग अलग प्रकार से बाटी गई है। चलिए हम आपको बताते हैं कि IAS के लिए आयु सीमा क्या-क्या है –

1.सबसे पहले आता है सामान्य वर्ग जिसके लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 32 वर्ष तक होती है, इसके दौरान सामान्य वर्ग के लोग यूपीएससी परीक्षा 6 बार दिला सकते हैं।

2.ओबीसी वर्ग के लोगों के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 35 वर्ष की होती है, जिसके दौरान उम्मीदवार यूपीएससी परीक्षा 9 बार दिला सकता है। सामान्य वर्ग से 3 साल ज्यादा की छूट मिलती है।

3.एसटी-एससी यानी कि अति पिछड़ा वर्ग के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 37 वर्ष तक होती है। साथ ही इन्हें असीमित प्रयासों का मौका मिलता है।

4.शारीरिक अक्षम वाले उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 42 वर्ष तक रखी गई है, जिसमें अगर वह एसटी/एससी वर्ग में आते होंगे तो उन्हें असीमित प्रयास दिए जाएंगे और अगर वह अन्य वर्ग में आएंगे तो उन्हें केवल 9 प्रयास दिए जाएंगे।

5.यूपीएससी परीक्षा में जम्मू एंड कश्मीर के स्थाई लोगों के लिए परीक्षा की उम्र सीमा 21 से 37 वर्ष तक रखी गई है, परंतु अगर वह एसटीएससी वर्ग में आते हैं तो उन्हें 5 साल ज्यादा का समय दिया जाएगा। साथ ही अगर वह ओबीसी वर्ग में आते हैं तो उन्हें 3 साल ज्यादा का समय दिया जाएगा।

IAS शैक्षिक योग्यताएं:- 

आईएएस बनने के लिए व सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के लिए सामान्य शैक्षिक योग्यता केवल स्नातक परीक्षा पास करना ही होता है। IAS के लिए शैक्षिक योग्यता प्राप्त करने के लिए आपको किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री प्राप्त करनी होगी,  जिसके बाद आप यूपीएससी परीक्षा में बैठने के योग्य हो जाएंगे। वैसे तो आर्ट्स विषय के छात्रों के लिए यूपीएससी परीक्षा दिलाना आसान हो जाता है, परंतु स्नातक के कोई भी छात्र जो साइंस स्ट्रीम, या कॉमर्स स्ट्रीम से स्नातक डिग्री हासिल की हो वो भी इस परीक्षा को दिलाने के लिए योग्य होता है।

IAS परीक्षा पाठ्यक्रम:-

सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाती है जो दो भागो में होती है।

जीएस पेपर -1 पाठ्यक्रम:-

  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय  घटना एवं करंट अफेयर।
  • इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन।
  • भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल।
  • भारतीय राजनीति और शासन।
  • भारत का आर्थिक और सामाजिक विकास।
  • जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण परिस्थिति और जैव विविधता।
  • सामान्य विज्ञान।

सीएसएटी परीक्षा पेपर -2:-

  • समझ।
  • संचार कौशल और पारस्परिक कौशल।
  • तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता।
  • निर्णय लेना एवं समस्या समाधान।
  • सामान्य मानसिक क्षमता।
  • मूल संख्या।
  • डेटा व्याख्या।

प्रारंभिक परीक्षा क्लियर करने के बाद मेंस परीक्षा दिलाया जाता है। यूपीएससी मैन परीक्षा के लिए कई सारे विषयों के बारे में पढ़ना पड़ता है। यूपीएससी मेंस परीक्षा के सिलेबस में 9 पेपर शामिल होते हैं, जो कि निम्नलिखित हैं-

  • भारतीय भाषा
  • निबंध
  • अंग्रेजी
  • सामान्य अध्ययन 1
  • सामान्य अध्ययन 2
  • सामान्य अध्ययन 3
  • सामान्य अध्ययन 4
  • वैकल्पिक विषय के दो पेपर।

IAS परीक्षा चरण:-

IAS meaning in Hindi तो आप जानते ही है, यह परीक्षा सबसे कठिन परीक्षा में से एक है। IAS के लिए परीक्षा चरण अलग अलग होते है। तीन चरणों में ये परीक्षा पूरी होती है। चलिए जानते है उन तीन चरणों के बारे में :-

1.प्रिलिम्स परीक्षा – इसे प्रारंभिक परीक्षा भी कहा जाता है। जिसमें 2 पेपर शामिल होते है, GS (general studies) पेपर-1 और पेपर -2। जवाब गलत होने पर एक तिहाई नकारात्मक मार्क्स काटे जाते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में कम से कम 33% लाने पर ही दूसरे चरण में उम्मीदवारों को भेजा जाता है।

2.मेंस परीक्षा – इसे मुख्य परीक्षा कहा जाता है जो कि प्रारंभिक परीक्षा के बाद दिलाया जाता है। प्रारंभिक परीक्षा MCQ आधारित होती है, परंतु मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक रूप से दी जाती है।

3.इंटरव्यू – इसे व्यक्तिगत परीक्षा कहा जाता है। IAS परीक्षा के चरणों का ये आखरी चरण होता है, जिसमें बोर्ड के अध्यक्ष के सामने उम्मीदवारों को खुद को पेश करना होता है। इसमें उमदवारो से कई प्रकार के सवाल पूछे जाते है, जिसका जवाब उन्हें अपने मुताबिक देना होता है। इंटरव्यू में व्यक्ति के व्यक्तिगत व्यवहार को जांचा जाता है।

IAS officer salary:-

IAS officer को समान सैलरी के रूप में 56100 रुपए प्रतिमाह दिए जाते है। साथ ही सारी सरकारी सुविधाएं मिलती है। अगर एक उमीदवार IAS ऑफिसर बन जाता है, तो उसे वेतन के साथ घर, गाड़ी, वॉचमैन एवं कुक और अन्य सुविधा मिलती है। इसके अलावा कैबिनेट सचिव का वेतन 2.5 लाख रूपए प्रति माह होता है। IAS officer बनने के बाद सैलरी और अन्य सुविधा उस पद को प्राप्त होती है, अर्थात जो भी आईएएस अफसर के पद को प्राप्त करेगा उसे सभी सुविधा प्राप्त होगी।

निष्कर्ष:-

आज हमने आप सभी को अपने इस आर्टिकल के माध्यम से IAS meaning in hindi और इससे जुड़ी हुई सभी तरह के महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में बताने का प्रयास किया है। आशा करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा और आप सभी को हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से IAS Officer kaise bane के बारे में काफी अच्छी जानकारी प्राप्त हुई होगी।

Sharing is caring..

Leave a Comment